परिचय
भारत सरकार के India Semiconductor Mission को एक और मजबूती मिलती दिख रही है। उत्तर प्रदेश में नया OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) यूनिट स्थापित होने जा रहा है, जिसे भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है।
OSAT यूनिट क्या होती है?
OSAT यूनिट सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का अहम हिस्सा होती है। यहाँ चिप्स की पैकेजिंग, टेस्टिंग और फाइनल क्वालिटी चेक किया जाता है, जिससे वे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ में इस्तेमाल के लिए तैयार होती हैं।
UP में नया OSAT प्रोजेक्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह यूनिट HCL और Foxconn की साझेदारी में स्थापित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की नीतिगत सहायता और केंद्र सरकार के इंसेंटिव्स से यह प्रोजेक्ट संभव हो पाया है।
- 20,000 वेफर्स प्रतिमाह क्षमता
- हज़ारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियाँ
- लोकल सप्लाई चेन को बढ़ावा
क्षमता और टेक्नोलॉजी
इस OSAT यूनिट में एडवांस्ड पैकेजिंग और टेस्टिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिससे भारत में बने चिप्स ग्लोबल स्टैंडर्ड पर खरे उतर सकें।
रोज़गार और आर्थिक असर
इस यूनिट से उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स, डिप्लोमा होल्डर्स और सप्लाई चेन प्रोफेशनल्स सभी को इसका लाभ मिलेगा।
“सेमीकंडक्टर यूनिट्स सिर्फ फैक्ट्री नहीं, बल्कि पूरे टेक इकोसिस्टम को जन्म देती हैं।”
India Semiconductor Mission से जुड़ाव
यह OSAT यूनिट सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया विज़न को मजबूती देती है। इससे भारत की विदेशी चिप निर्भरता कम होगी।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत
अभी तक ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में आगे रहे हैं। लेकिन भारत अब धीरे-धीरे विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में और भी OSAT व फैब यूनिट्स लग सकती हैं, जिससे देश ग्लोबल चिप सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सकता है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में नया OSAT यूनिट भारत के सेमीकंडक्टर सफर में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और रोज़गार को भी नई दिशा देगा।
